हिसार का पहला एयर शो! नौ लड़ाकू विमानों ने धुएं से तिरंगा और दिल की आकृति बनाई, 15 हजार दर्शक रोमांचित

हिसार में रविवार को लोग उसे समय आश्चर्य चिकित्स हो गए जब एयरफोर्स की सूर्यकिरण टीम ने हवा में धुएं से तिरंगा बनाया और साथ ही हवा में दिल की आकृति को पूरी तरह से उकेर दिया। मौका था एयरशो का। यह एयरशो महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के ऊपर हुआ। इसकी शुरुआत में एयरफोर्स के 9 हॉक टी-1 जहाजों ने आसमान में उड़ान भरी और धुएं से तिरंगा बनाया। इसमें सबसे खास हवा में दिल की आकृति उकेरना रहा। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी मौजूद थे।
महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा परिसर में यह पहला एयर शो था। सूर्य किरण टीम ने अपने हैरतअंगेज करतबों से शहरवासियों का दिल जीत लिया। मौके पर मौजूद सेना हिसार छावनी के सैनिक, अधिकारी, उनके परिजन, आर्मी पब्लिक स्कूल और एनसीसी के बच्चे रोमांच से भर गए। एयर शो सूर्यकिरण टीम के नौ लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और करतब दिखाए।

विमानों की तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर वीडियो बनाने लगे। लोगों ने इन खास पलों को अपने फोन में कैद कर लिया। एक साथ नौ विमानों के करतब देखना शहरवासियों के लिए पहला अनुभव था। एयर शो के लिए कई एकड़ में फैले मैदान की सफाई करवाई गई थी। मौके पर 15 हजार लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। लोग खुले मैदान में खड़े होकर भी विमानों के करतब दिखा रहे हैं।
विमानों का धुआं तिरंगे के रंग में में नजर आया। इसके साथ ही दो विमानों ने उल्टी दिशा में जाकर दिल की आकृति भी बनाई। इसे देख वहां बैठे लोग उत्साह से भर गए और तालियां बजाने लगे। विमानों की गर्जना और वहां चलाए जा रहे देशभक्ति के गीतों ने लोगों में जोश भर दिया। हालांकि एयर शो का असर रविवार को उड़ने वाली सेवाओं पर भी पड़ेगा। एयरपोर्ट ऑथारिटी के अनुसार एयर शो के कारण जहाज आधे घंटे की देरी से उड़ान भरेंगे।
ये है सूर्य किरण टीम की खासियत
सूर्य किरण की स्थापना 1996 में हुई थी। सूर्य किरण वायु सेना की 52वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा है। यह एरोबेटिक्स प्रदर्शन टीम है। इस टीम में लड़ाकू विमानों के 13 पायलट होते हैं जिसमें से 9 ही एक साथ उड़ान भरते हैं। उनके पास किरण विमान संचालन का 1,000 घंटे और लड़ाकू उड़ान का लगभग 2,000 घंटे का अनुभव होता है। सूर्य किरण टीम ने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर, 1996 को कोयंबटूर स्थित वायुसेना प्रशासनिक महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में दिया था। सूर्य किरण की टीम में शामिल पायलटों ने शहीद विंग कमांडर साहिल गांधी के परिवार को एयर शो का निमंत्रण उनके घर जाकर दिया है। मालूम हो कि 2019 में बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना की हवाई करतब टीम सूर्य किरण के दो विमान टकराने के दौरान हादसे में साहिल गांधी शहीद हो गए थे।
दो हिस्सों में प्रदर्शन करती है सूर्य किरण टीम
सूर्य किरण टीम दो हिस्सों में एयर शो करती है। पहले हिस्से में, सभी विमान एक साथ आकर एक आकृति बनाते हैं। दूसरे हिस्से में सभी विमान अलग-अलग टीमों में बंटकर आकाश में विभिन्न करतब दिखाते हैं और फॉर्मेशन करते हैं। एयर शो के दौरान ये विमान 150 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 650 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरते हैं। इतनी रफ्तार में भी विमान एक दम से दिशा बदलते हैं। इन करतबों को देख कोई भी गर्व और रोमांच से भर जाता है।